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वैकुंठ एकादशी इस साल नए साल 2023 के शुरू यानी 2 जनवरी को मनाई जाएगी। इसे वैकुंठ एकादशी कहा जाता है, क्योंकि इस दिन स्वर्ग के द्वार खुलते हैं। वैकुंठ एकादशी को मुक्कोटी एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। वैकुंठ एकादशी पर तिरुमाला मंदिर में भव्य आयोजन किए जाते हैं। साल भर में इसी दिन भगवान विष्णु के आंतरिक गर्भगृह का द्वार खोला जाता है, जिसे वैकुंठ द्वारम के नाम से भी जाना जाता है।

इस द्वार के दर्शन के लिए यहां भारी संख्यां में भक्तों की भीड़ उमड़ती है। देव स्थानम दर्शन के लिए भक्तों को पहले से बुकिंग करानी पड़ती है। गोविंदा गोविंदा का जाप करते हुए इस दिन विशाल सोने के रथ को भी खींचा जाता है। वैकुंठ एकादशी पर तिरुमाला बालाजी मंदिर और तमिलनाडु के श्रीरंगम में श्री रंगनाथस्वामी मंदिर में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु इकट्ठा होते हैं। 

आंध्र प्रदेश के तिरुमाला तिरूपति में का वैकेंटश्वरा स्वामी मंदिर, भगवान वैकेंटेशनवर यानी भगवान विष्णु को समर्पित है। ऐसा कहा जाता है कि कलयुग में मानव जाति के कष्टों को दूर विष्णु भगवान के स्वरूप भगवान वैकेंटश्वर करेंगे। इस मंदिर की व्यव्स्था तिरुमाला तिरूपति देवस्थानम (TTD) करता है, जो आंध्र प्रदेश सरकार के अधीन है।  

 



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