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Hariyali Teej 2022: हरियाली तीज पर स्वर्ण-रजत हिंडोला में विराजमान ठा. बांकेबिहारी के दर्शन के लिए भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। नगर के अन्य मंदिरों में भी हिंडोला में विराजमान ठाकुरजी की एक झलक पाने के लिए देर रात्रि तक भक्तों का तांता लगा रहा। हरियाली तीज पर मुख्य आकर्षण के केंद्र ठा. बांकेबिहारी मंदिर में सुबह 7.45 बजे जैसे ही स्वर्ण-रजत हिंडोला में विराजमान ठाकुरजी के पट खुले तो पूरा मंदिर बांकेबिहारी के जयकारों से गुंजायमान हो उठा। हर कोई बेशकीमती हिंडोला में झूलते अपने आराध्य की एक झलक पाने के लिए लालायित नजर आया। मंदिर परिसर में भक्तों का हुजूम ऐसा उमड़ा कि मंदिर और पुलिस प्रशासन की व्यवस्थाएं कई बार ध्वस्त होती नजर आईं, लेकिन दर्शनार्थियों की सुरक्षा में लगे पुलिस कर्मी और निजी सिक्योरिटी गार्ड्स भीड़ को नियंत्रित करने में पूरी मुस्तैदी से जुटे रहे। हरियाली तीज पर स्वर्ण-रजत हिंडोला में विराजमान ठाकुरजी के दर्शन के लिए देश-विदेश से आने वाले दर्शनार्थियों की सुविधा के लिए मंदिर प्रशासक एवं प्रबंधन द्वारा श्रंगार एवं राजभोग सेवा में भी स्वर्ण-रजत हिंडोला सजाए जाने की व्यवस्था की गई। इस नई व्यवस्था से श्रद्धालुओं को अपने आराध्य के दर्शन आसानी से करने का सौभाग्य मिला। वहीं ठा. राधाबल्लभ मंदिर, राधारमण मंदिर, राधासनेहबिहारी मंदिर, राधादामोदर मंदिर, राधाश्याम सुंदर मंदिर, श्रीकृष्ण बलराम इस्कॉन मंदिर, शाहबिहारी मंदिर समेत अन्य मंदिरों में सजाए गए हिंडोला में विराजमान ठाकुरजी के दर्शन को भक्तों देर रात्रि तक कतार लगी रहीं।

ठाकुरजी ने सुख-सेज पर किया विश्राम

हरियाली तीज पर स्वर्ण-रजत हिंडोला में विराजमान होकर भक्तों को दर्शन देने के बाद रंग बिरंगे फूल, गुलाबी रंग की मखमल और रेशम से तैयार सुख सेज पर ठाकुरजी ने कुछ देर आराम करने के बाद शयन किया। ऐसी मान्यता है कि हिंडोला में कई घंटों तक विराजमान रहने के बाद हुई थकान को दूर करने के लिए ठाकुरजी को सुख सेज पर विश्राम कराया जाता है। इस दौरान सेवायत गोस्वामियों द्वारा ठाकुरजी का इत्र आदि से मालिश एवं चरण सेवा कर दूध का भोग (प्रसाद) लगाया जाता है। इसके बाद ठाकुरजी शयन के लिए जाते हैं।

खूब बांटी साग-पूड़ी, पिलाया शीतल जल और शरबत

हरियाली तीज पर बाहर से आने वाले भक्तों की सुविधा के लिए स्वयंसेवी संगठन एवं दानदाताओं ने कहीं पूड़ी-साग, पूड़ी हलवा और बूंदी प्रसाद का वितरण किया तो कहीं शीतल जल एवं शरबत की प्याऊ लगाईं। बांकेबिहारी पुलिस चौकी पर मंदिर प्रबंधन एवं वृंदावन विकास समिति द्वारा लगाए गए खोया पाया केंद्र पर दजनों बच्चे समेत अन्य बिछुड़े लोगों को अपनों से मिलवाया गया।

चाक-चौबंद रही प्रशासन की व्यवस्था

ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर प्रंबधन द्वारा मंदिर में वन वे ट्रैफिक व्यवस्था होने के चलते विद्यापीठ चौराहा, हरि निकुंज चौराहा एवं वीआईपी मार्ग पर अलग-अलग जूता घर में क्लॉक रुम की व्यवस्था की गई। पुलिस के सैंकड़ों जवान और अधिकारी मंदिर परिसर समेत नगर में चप्पे-चप्पे पर नजर रख रहे थे, वहीं सुरक्षा की दृष्टि से सीसी टीवी कैमरों की भी मदद ली जा रही थी। नगर निगम के नगर आयुक्त अनुनय झा एवं मेयर डा. मुकेश आर्यबंधु के निर्देश पर मंदिरों के आसपास एवं प्रमुख मार्गों पर विशेष सफाई एवं पेयजल व्यवस्था को सुचारु बनाने के प्रयास किए गए। अपर नगर आयुक्त क्रांति शेखर सिंह पूरे शहर में भ्रमण कर स्थिति पर नजर रखे हुए थे, वहीं जिला स्वास्थ्य विभाग द्वारा मंदिर में आने वाले भक्तों की सुविधा के लिए चार स्थानों पर नि:शुल्क स्वास्थ्य केंद्र स्थापित किए। जहां दो-दो चिकित्सक श्रद्धालुओं को चिकित्सा सुविधा मुहैया करा रहे थे। साथ ही दो एंबुलेंस भी लगाई गई थीं। वहीं एसएसपी अभिषेक यादव एवं एसपी सिटी एमपी सिंह समेत अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी चप्पे-चप्पे पर नजर बनाए हुए थे।

ई-रिक्शा चालकों ने वसूली मनमाना किराया

प्रशासन द्वारा हरियाली तीज पर बाहर से आने वाले भक्तों की सुविधा के लिए नगर के बाहर बनाए गए पार्किंग स्थल से मंदिर तक पहुंचने में श्रद्धालुओं को काफी मशक्कत का सामना करना पड़ा। कोई पैदल ही मंदिरों की ओर बढ़ रहा था तो कोई ई-रिक्शा और ऑटो से मंदिर पहुंच रहा था। श्रद्धालुओं की शिकायत थी कि ई-रिक्शा और ऑटो रिक्शा चालक दो-तीन किमी के भी तीस-चालीस रुपये सवारी तक वसूल रहे हैं।

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