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त्योहार हमारी सांस्कृतिक धरोहर है। इन्हीं के माध्यम से रिश्तों की गहराई महसूस की जाती है। रक्षा-बंधन भाई-बहन के स्नेह व ममता की डोर में बंधा ऐसा पर्व है, जिसे परस्पर विश्वास की डोर ने सदियों से बांध रखा है। रक्षा बंधन इस बार 12 अगस्त को मनेगा। सावन पूर्णिमा के दिन यह त्योहार मनाया जाता है। इस बार पूर्णिमा तिथि 11 अगस्त की सुबह 9.35 बजे प्रवेश कर जाएगी, जो 12 अगस्त की सुबह 7.16 बजे तक रहेगी। लेकिन 11 अगस्त की रात 8.25 बजे तक भद्रा है। नतीजतन इस दिन रक्षाबंधन का शुभ योग नहीं है। 11 अगस्त की रात 8.25 के बाद भद्रा का समापन हो जाएगा। इसके उपरांत बहनें भाइयों को राखी बांध सकेगी। लेकिन रात में यह त्योहार नहीं मनता है। इसलिए दूसरे दिन 12 अगस्त को उदया मान कर रक्षा बंधन का त्योहार जिले में मनाया जाएगा।

Raksha Bandhan 2022: रक्षा बंधन पर 11 अगस्त को भद्रा, 12 अगस्त को उदया तिथि, जानें क्या सही

12 अगस्त को दिन भर राखी बांधने का मुहूर्त

रिविलगंज के ज्योतिषाचार्य पंडित मनुवेन्द्र त्रिपाठी उर्फ चुन्नू बाबा ने बताया कि 12 अगस्त को भले ही पूर्णिमा सुबह 7.16 बजे ही खत्म हो जाएगी, लेकिन जिसका उदय, उसी का अस्त की मान्यता है। इसलिए 12 अगस्त को दिन भर बहनें भाइयों को राखी बांध सकेंगी। काशी और मिथिला पंचांग दोनों में रक्षा बंधन का शुभ योग 12 अगस्त को ही है। उन्होंने बताया कि भद्रा में रक्षा बंधन और होलिका दहन निषिद्ध रहता है। रक्षा बंधन के लिए शुभ योग भद्रा के बाद होता है। इस बार हर्ष योग में रक्षा बंधन का त्योहार होगा। हर्ष योग से आशय है कि अनिष्ट का निवारण और अच्छाई का प्रवेश। यह योग भाई-बहन के लिए काफी शुभ होता है।आचार्य ने बताया कि राखी में तीन गांठ लगाना शुभ होता है। पहली गांठ भाई की लंबी आयु, दूसरी गांठ स्वयं की लंबी आयु और तीसरी गांठ रिश्तों में मिठास के लिए।

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