Hindustan Hindi News

[ad_1]

हस्तरेखा विज्ञान में चंद्र पर्वत को महत्वपूर्ण माना गया है। चंद्रमा मन का कारक है। ऐसे में हाथ में चंद्र पर्वत से लेकर कुंडली में चंद्रमा की स्थिति व्यक्ति के जीवन को प्रभावित करती हैं। यदि चंद्र पर्वत हथेली से बाहर निकल जाए तो ये जातक भोगी होते हैं। ऐसे लोगों को जीवन में भोगविलास से अलग कोई और कार्य नहीं सूझता। चंद्र पर्वत का झुकाव शुक्र पर्वत की  ओर हो तो जातक अत्यधिक कामुक प्रवृत्ति का हो जाता है।

अच्छा नहीं माना जाता है इस पर्वत पर क्रॉस का निशान

यदि चंद्र पर्वत पर आड़ी-टेड़ी रेखाएं व्यक्ति को जीवन में जल यात्रा के योग का संकेत देती हैं।  यदि किसी जातक के हाथ में चंद्र पर्वत अधिक उभरा हुआ होता है तो वे जातक अस्थिर होते हैं और निराशा में जीते हैं। हस्तरेखा विज्ञान के अनुसार जिन जातकों के हाथ में चंद्र पर्वत विकसित होता है वे अत्यंक भावुक एवं कल्पनाशील होते हैं। ऐसे लोग सपनों की दुनिया में खोए रहते हैं। इस तरह के लेाग जीवन में परेशानियों का सामना नहीं कर पाते और जल्दी टूट जाते हैं। हस्तरेखा विज्ञान के अनुसार यदि व्यक्ति का चंद्र पर्वत सामान्य विकसित हो तो जातक करोड़पति होते हैं, लेकिन वे ज्यादा भावुक होते हैं।  

(इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं तथा इन्हें अपनाने से अपेक्षित परिणाम मिलेगा। जिसे मात्र सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर प्रस्तुत किया गया है।)

[ad_2]

Source link

If you like it, share it.
0 replies

Leave a Reply

Want to join the discussion?
Feel free to contribute!

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *