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माघ माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को सकट चौथ व्रत पड़ता है। इस दिन माताएं संतान की लंबी आयु के लिए निर्जल व्रत रखती हैं। यह व्रत संतान के जीवन में आने वाली हर संकट और बाधा से उन्हें बचाता है। इस दिन संकट हरण गणेश जी का पूरे विधि विधान के साथ पूजन किया जाता है। इसे संकष्टी चतुर्थी और तिलकुटा चौथ भी कहा जाता है। इस दिन माताएं पूरे दिन निर्जल व्रत रखती हैं और शाम को चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत का पारण करती हैं। शाम को चन्द्रोदय के दर्शन कर पूजा में दूर्वा, शकरकंद, गुड़ और तिल के लड्डू चढ़ाए जाते हैं। दूसरे दिन सुबह सकट माता पर चढ़ाए गए पकवानों को प्रसाद रूप में ग्रहण किया जाता है। तिल को भूनकर गुड़ के साथ कूट लिया जाता है। तिलकुट का पहाड़ बनाया जाता है। कहीं- कहीं तिलकुट का बकरा भी बनाया जाता है। पूजन कर सभी में प्रसाद वितरित किया जाता है। पूजन के बाद माताएं सकट चौथ व्रत कथा सुनाती हैं।

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सकट चौथ डेट- 10 जनवरी, 2023

मुहूर्त- 

  • चतुर्थी तिथि प्रारम्भ – जनवरी 10, 2023 को 12:24 पी एम बजे
  • चतुर्थी तिथि समाप्त – जनवरी 11, 2023 को 02:46 पी एम बजे
  • चंद्रोदय समय – 08:28 पी एम

10 जनवरी, 2023 के शुभ- अशुभ मुहूर्त- 

शुभ मुहूर्त-

  • ब्रह्म मुहूर्त– 05:14 ए एम से 06:08 ए एम
  • अभिजित मुहूर्त– 11:56 ए एम से 12:38 पी एम
  • विजय मुहूर्त– 02:01 पी एम से 02:43 पी एम
  • गोधूलि मुहूर्त– 05:28 पी एम से 05:55 पी एम
  • अमृत काल– 07:28 ए एम से 09:16 ए एम
  • निशिता मुहूर्त– 11:50 पी एम से 12:44 ए एम, जनवरी 11
  • सर्वार्थ सिद्धि योग– 07:03 ए एम से 09:16 ए एम

अशुभ मुहूर्त-  

 

  • राहुकाल- 02:54 पी एम से 04:12 पी एम
  • यमगण्ड– 09:40 ए एम से 10:58 ए एम
  • गुलिक काल– 12:17 पी एम से 01:35 पी एम
  • दुर्मुहूर्त– 09:08 ए एम से 09:50 ए एम
  • भद्रा- 07:03 ए एम से 12:24 पी एम



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